मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण

मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण का गठन मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण अधिनियम 1983 क्रमांक 29/83 जो मध्यप्रदेश असाधरण गजट दिनांक 12.10.83 को प्रकाशित हुआ हैं तथा दिनांक 7.10.83 को महामहिम राष्ट्रपति की सहमति (एसेंट) प्राप्त हुई हैं । इस अधिनियम के अधीन गठित अधिकरण राज्य सरकार और पब्लिक अंडरटेकिंग तथा अन्य पक्ष के मध्य वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित रू. 50,000/- चय या उससे अधिक मूल्यांकन के विवादों का निराकरण करने हेतु गठित किया गया हैं ।

इस अधिकरण में एक अध्यक्ष, जो कि उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायमूर्ति, एक उपाध्यक्ष जो कि उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य होकर जिला न्यायाधीश स्तर के एवं एक न्यायिक सदस्य जो कि उच्च न्यायिक सेवा का जिला न्यायाधीश स्तर के, एवं दो तकनीकी सदस्य जो कि मुख्य अभियंता स्तर के होते है, पदस्थ किये जाते हैं । इनके अलावा अधिकरण में रजिस्ट्रर का भी पद है जिसमें उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी पदस्थ रहते हैं।

स.क्र. विवरण जारी दिनांक
राजपत्र-मध्‍यप्रदेश माध्‍यस्‍थम अधिकरण संशोधन -दि. 17.1.17 १७.०१.२०१७